गोमती नदी के पानी से जलमग्न शिवलिंग पर जलाभिषेक करता शिवभक्त। संवाद
जौनपुर। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से गोमतेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया है। सावन के दूसरे सोमवार को गोमती नदी ने अपने जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। घुटनों तक भरे पानी के बीच महिलाओं ने भगवान शिव का पूजन और जलाभिषेक किया। गोमती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हालांकि खतरे के निशान अभी बहुत दूर है। जलस्तर बढ़ने से नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में बाढ़ की दृष्टि से 347 गांवों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है। निगरानी के लिए 58 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गोमती, सई, पीली और वरुणा नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। राहत-बचाव के लिए जिले में 42 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। सदर में 12, मड़ियाहूं में पांच, मछलीशहर में दो, शाहगंज में चार, केराकत में तीन और बदलापुर में 12 गोताखोर लगाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नाविकों की भी व्यवस्था की गई है।