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हत्या के पांच आरोपियों को आजीवन कारावास

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जौनपुर। अपहरण और हत्या के पांच वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 43 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद कराने वाले दो आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत भी 1-1 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
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अभियोजन के अनुसार रामपुर निवासी दलश्रृंगार दीक्षित ने 17 दिसंबर 2015 को रामपुर थाने में केस दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि भाई द्रवेश 16 दिसंबर को बाजार से सब्जी लेकर घर जा रहा था। शाम करीब 5 बजे आशापुर नर्सरी स्कूल के समीप ग्राम प्रधान सुधाकर अपनी सफारी गाड़ी उसके सामने लगा दिए। गाड़ी में से दिनकर, वीरेंद्र, दुर्गेश व राहुल निकले। चुनावी रंजिश के कारण असलहे के बल पर द्रवेश को घसीटते हुए आरोपियों ने गाड़ी में बैठाया और उसे बीकापुर की ओर ले गए। उनके पीछे दूसरी गाड़ी से आरोपी आलोक दीक्षित गया। दूसरे दिन प्रयागराज के हंडिया नहर के पास द्रवेश का शव बरामद हुआ। सूचना पर परिजनों ने जाकर मृतक की शिनाख्त की। आरोपी वीरेंद्र व सुधाकर ने हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजीसी संजय श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र सिंह, सतीश रघुवंशी व राजेश श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष से पैरवी की। कोर्ट ने आलोक, वीरेंद्र, राहुल, सुधाकर व दुर्गेश को अपहरण व हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाया। दिनकर की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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