महराजगंज। थाना क्षेत्र के केवटली डेल्हूपुर गांव निवासी सगे भाई सुरेश और अखिलेश का परिवार गरीबी से जंग लड़ रहा है। लेकिन, फिर भी वे अपनी-अपनी दुनिया में खुश थे। लेकिन, बृहस्पतिवार को हुई दर्दनाक घटना से यह भी खुशी छीन गई और परिवार दु:खों के पहाड़ तले दब गया। महंथा विश्वकर्मा के दो बटे अखिलेश और सुरेश सगे भाई थे। इनमें बड़ा भाई सुरेश सूरत मके वेलसाड में प्राइवेट नौकरी करता था। जबकि एक आंख खराब होने के कारण अखिलेश घर पर ही रहकर एक परचून की गुमटी खोला था। जहां चाय पान और नास्ता बनाकर अपने परिवार का पेट पालता था। महंथा की आठ साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई, जिसके कुछ साल बाद दोनों भाइ अलग हो गए। महंथा देवी की पत्नी तारा देवी अखिलेश के ही साथ रहती थी और उसकी दुकान पर हाथ बंटाती थी।