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Jaunpur News: कानून व्यवस्था की रैंकिंग में जनपद 43 वें पायदान पर

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जौनपुर। सीएम डैशबोर्ड के तहत हर माह प्रत्येक जिलों की कानून एवं व्यवस्था की रैंकिंग जारी की जाती है। अप्रैल में कानून व्यवस्था की रैंकिंग में जनपद 43 वें पायदान पर है। जिले को 10 में से 6.85 अंक मिले हैं। यह स्थिति चिंताजनक है, खासकर जब पूर्वांचल के अन्य जिले इससे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। चंदौली 39 वें, वाराणसी 21 वें, भदोही 15 वें और सोनभद्र 7 वें स्थान पर हैं। जिले की आबादी 50 लाख से अधिक है। जिले में अपराध को नियंत्रण करने के लिए तीन हजार से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान हैं। मार्च में सीएम डैशबोर्ड में जनपद के कानून व्यवस्था की रैंकिंग 39 वें स्थान पर थी। जौनपुर में अपराध की दर में वृद्धि, पुलिस की धीमी कार्रवाई, और कई मामलों में विवेचना की गुणवत्ता में कमी इसकी प्रमुख वजहें मानी जा सकती हैं। हत्या, चोरी, महिला उत्पीड़न और भूमि विवाद जैसे अपराधों की संख्या में इजाफा देखा गया है। थानों में एफआईआर दर्ज कराने में देरी और कई बार पुलिस की निष्क्रियता ने भी जनता का भरोसा कमजोर किया है। हालांकि जिले में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ी है और पुलिस पेट्रोलिंग भी हुई है, लेकिन अपराध नियंत्रण के लिए यह प्रयास पर्याप्त नहीं साबित हो रहे।
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रैकिंग में सुधार न होने की यह हैं पांच वजहें :-
- राजस्व वादों के कारण हो रही आपराधिक घटनाएं
- साइबर व तकनीक से जुड़े अपराधों में जागरूकता की कमी।
- थाना स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होना।
- उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद मुकदमा पंजीकृत करना।
- अपराधियों का संरक्षण व उनके बचाव में होने वाली राजनीतिक सिफारिशें
केस वन :-बीते 21 अप्रैल को शाहगंज में दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया। सुल्तानपुर की लंभुआ की किशोरी से शाहगंज में 5 लोगों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। इसमें पुलिस ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें एक नाबालिग है। एक अभी तक फरार है।
केस टू :-बीते 28 अप्रैल को तेजीबाजार थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम शाम को घर के बगल मंदिर गई थी। घात लगाकर बैठे एक व्यक्ति ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। लड़की अपने घर पहुंची और पूरी घटना अपने दादी को बताई। इसके बाद थाना पर मुकदमा दर्ज कराया गया, घटना के अगले दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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अप्रैल में जिले की रैंकिंग 43 वें पायदान पर है तो मार्च में इसकी रैंकिंग 39 वें पायदान पर थी। जिले में कानून एवं व्यवस्था की रैंकिंग को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें महिला संबंधी अपराध व अनुसूचित जाति के अपराध में सुधार करने की आवश्यकता है। - आयुष चौधरी, एडिशनल एसपी सिटी।
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