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Jaunpur News: मृतक की पत्नी ने 3 पुलिसकर्मियों सहित छह पर दर्ज कराई प्राथमिकी

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मुफ्तीगंज। 15 हजार रुपये की उधारी के लिए चल रहे विवाद के बीच थाने पहुंचे सुदामा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय के आदेश पर गौराबादशाहपुर पुलिस ने गांव के तीन लोगों धर्मेंद्र निषाद, मिठाईलाल, अरविंद निषाद और तीन तत्कालीन पुलिसकर्मियों उपनिरीक्षक रामलाल, हेड कांस्टेबल अभिषेक और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थानाध्यक्ष गंगासागर मिश्रा ने बताया कि पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के नैपुरा गांव निवासी विमला देवी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके पति सुदामा ने पड़ोसी धर्मेंद्र निषाद और उसके पिता मिठाईलाल को 15 हजार रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस मांगने पर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। सुदामा ने रुपये वापस दिलाने के लिए थाने में कई बार शिकायत की थी। विमला के अनुसार, 12 अक्तूबर 2025 की सुबह करीब नौ बजे धर्मेंद्र निषाद और मिठाईलाल उनके घर पहुंचे। दोनों ने सुदामा से कहा कि दरोगा ने थाने बुलाया है। इसके बाद दोनों सुदामा को अपने साथ ले गए। मिठाईलाल का बेटा अरविंद निषाद भी उनके साथ थाने गया। आरोप है कि करीब साढ़े तीन घंटे बाद परिजनों को थाने से फोन करके सुदामा की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। विमला अपनी बहू और अन्य परिजनों के साथ थाने पहुंचीं तो सुदामा की मौत हो चुकी थी। विमला ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र, मिठाईलाल और अरविंद के प्रभाव में तत्कालीन उपनिरीक्षक रामलाल, हेड कांस्टेबल अभिषेक और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार ने थाने में उनके पति के साथ मारपीट की। इससे वे सदमे में आ गए और उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का कहना है कि घटना के बाद उसने मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों से जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
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