खेतासराय। विद्यापीठ वार्ड में करीब 39.10 लाख रुपये की लागत से बने नाले की दीवारें बरसात में ध्वस्त हो गई थी। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अजय कुमार अम्बष्ट ने शुक्रवार को नाले की स्थलीय जांच की। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। सीआरओ ने संबंधित जूनियर इंजीनियर को निर्माण की गुणवत्ता के लिए फटकार लगाई। लापरवाही बरतने के लिए चेतावनी दी। उन्होंने ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने के साथ जल निकासी व्यवस्था सुचारु कराने के निर्देश दिए। स्टेट बैंक के सामने भोला बरनवाल की दुकान से गोरारी पुलिया तक करीब 39.10 लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराया गया था। इसे गोरारी के मुख्य नाले से जोड़कर कस्बे की गलियों और बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था की गई थी। हाल में हुई बारिश के बाद नाले की दोनों दीवारें कई स्थानों पर एक-दूसरे की ओर झुक गईं थीं। इससे नाले का रास्ता संकरा हो गया। पानी की निकासी प्रभावित होने लगी। नाले के आसपास कराया जा रहा इंटरलॉकिंग कार्य भी अब तक अधूरा पड़ा है। क्षतिग्रस्त नाले के कारण आसपास जलभराव की स्थिति बनने लगी थी। स्थानीय लोगों ने नाले की खराब गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद सीआरओ के निरीक्षण से अब निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद जगी है।