कार चलाते हुए जा रही युवती। संवाद
जौनपुर। जनपद की युवतियों में वाहन चलाने का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। पहले इन्हें गाड़ी लेकर गुजरते पर लोग देखने लगते थे। लेकिन, अब यह सामान्य बात हो गई है। पिछले पांच साल में दो और चारपहिया वाहनों को चलाने के मामले में इनकी संख्या में 45.49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जनपद में दोपहिया वाहन से लेकर कार चलाने के लिए युवतियां और महिलाएं आगे आ रही हैं। पिछले पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 5659 युवतियों और महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं। वर्तमान में भी युवतियां वाहन चलाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। जबकि वर्ष 2021 में केवल 824 महिलाओं ने गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए। पिछले पांच वर्ष की तुलना में 45.49 फीसदी बढ़ गई। पिछले वर्ष 2025 में 1811 युवतियां और महिलाएं स्टेयरिंग थामकर सड़कों पर न सिर्फ उतरीं, बल्कि इसके लिए उन्होंने लाइसेंस भी जारी करवाए। हर साल स्कूटी और कार चलाने वाली युवतियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जनपद में 12 वाहन ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र भी खुले हैं। इन प्रशिक्षण केंद्रों में युवतियां भी आसानी से वाहन चलाना सीख रही हैं। एआरटीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि ज्यादातर युवतियों और कामकाजी महिलाओं का वाहन चलाने में रुझान देखने को मिल रहा है। कई युवतियां शौकिया तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रही हैं। वाहन चलाने के लिए 33 किन्नरों ने भी लाइसेंस जारी कराया है। आंकड़ों पर नजर करें तो वर्ष 2021 में 8, 2022 में 10, 2023 में 4, 2024 में7 और 2025 में 4 किन्नरों ने वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाया है।