सड़क दुर्घटना में मृत दंपती के लिए तैयार की जा रही अर्थी। संवाद
मीरगंज। प्रयागराज जिले के सैदाबाद के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रामपुर चौथार गांव निवासी दंपती का शव जैसे ही उनके पैतृक आवास पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। घर से एक साथ पति-पत्नी की अर्थी उठती देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
रामपुर चौथार के ग्राम प्रधान के बेटे दिनेश यादव ने बताया कि गांव निवासी राकेश तिवारी (65) गन फैक्ट्री से सेवानिवृत्त (रिटायर) होने के बाद अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते थे। करीब एक महीना पहले ही वह अपनी पत्नी प्रभावती और बेटे के साथ गांव आए थे। बृहस्पतिवार को वह भदोही जिले के मोढ़ हरिपट्टी गांव स्थित अपने मामा के घर गए हुए थे।
शुक्रवार की सुबह वह कार से अपनी बेटी के घर सैदाबाद (प्रयागराज) जाने के लिए निकले थे। कार को उनके मामा का नाती और हरिपट्टी निवासी शुभम दुबे चला रहा था। अभी कार सैदाबाद पहुंचने ही वाली थी कि सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंदक में जा पलटी।