एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने शुक्रवार को मछलीशहर कोतवाली पर तैनात मुख्य आरक्षी (कंप्यूटर ऑपरेटर) रंजन कुमार गुप्ता को 1500 रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ कर हिरासत में लिया। उसके खिलाफ सिकरारा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। रातभर थाने में रख कर अगले दिन वाराणसी ले जाया जाएगा। आरोपी दीवान तीन साल पहले मड़ियाहूं कोतवाली से स्थानांतरित होकर मछलीशहर आया था। कार्रवाई से जिले भर के थानों में खलबली मच गई है।
यह है मामला
मछलीशहर कोतवाली के मुजार गांव निवासी अरशद अहमद ने भ्रष्टाचार निवारण टीम वाराणसी से फोन पर शिकायत की थी। कहा कि मछलीशहर कोतवाली पर तैनात मुख्य आरक्षी (कम्प्यूटर ऑपरेटर) रंजन कुमार गुप्ता उनके पासपोर्ट के आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के एवज में 1500 रुपये घूस मांग रहा है।
शिकायत पर शुक्रवार दोपहर 12.38 बजे एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक राजेश यादव, नीरज कुमार सिंह, राकेश बहादुर सिंह एक दर्जन सादी वर्दी में सिपाहियों के साथ कोतवाली परिसर के बाहर पहुंचे। टीम ने लिखित नंबर के 500 के दो और 100 रुपये के पांच नोट पर केमिकल लगाकर पीड़ित को दे रखा था।
पीड़ित अरशद तय समयानुसार दीवान के पास पहुंचा, पीछे से चार पांच सिपाही सादी वर्दी में सिपाही भी आ गए। पीड़ित ने ज्यों ही दीवान के हाथों में नोट पकड़ाया पीछे खड़े सिपाही ने उन्हें दबोच लिया। अन्य अधिकारी भी तत्काल वहां पहुंच गए। उनको कमरे से बाहर लाकर हाथ धुलवाया तो पानी का रंग व हाथ लाल हो गया। टीम उन्हें लेकर सीधे सिकरारा थाने पहुंची और विधिक कार्रवाई करते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।