दरबारे कादरिया गौसपीर की ऐतिहासिक दरगाह का सालाना उर्स शनिवार की आधी रात से शुरू हो गया। 17 दिन तक चलने वाले इस मेले में देश के कई प्रांतों से जाइरीन पहुंचे हैं। दरगाह का फाटक खुलने के इंतजार में जाइरीन रात आठ बजे से ही खड़े हो गए थे।
रात 11 बजकर 11 मिनट पर जैसे ही दरगाह का फाटक खुला तो एकटक गुंबद को निहार रहे जाइरीन का झुंड अंदर प्रवेश किया। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उर्स कमेटी के सदस्यों और पुलिस प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दरगाह पर आए जाइरीन ने यहां मुजावरों से झाड़फूंक करवाकर चढ़ावा चढ़ाया और मुरादें मांगीं। मेले में आने वाले श्रद्धालु रोग, व्याधि से मुक्ति पाने के लिए मन्नतें मांगते हैं।
तमाम महिलाएं और युवतियां मजार पर आस्था से सिर टिकाती रहीं। उनके साथ आए परिवार के लोग उनके सामने पूरी आस्था के साथ हाथ जोड़े बैठे रहे। मेले में आए जायरीनों ने यहीं पास में स्थिति नगीना बाबा और जोड़ा बाबा की मजार पर भी चादरपोशी की। तियरा के पास स्थित मुरादी शाह बाबा की मजार पर भी जायरीनों की भीड़ लगी रही। यहां स्थित तालाब में स्नान करने वाले पुरुष और महिलाओं का पूरे दिन तांता लगा रहा।
दरगाह पीर मु. सुफियान के पास दुआ लेने के लिए लोग घंटों कतार में खड़े रहे। दरगाह कमेटी के अध्यक्ष मो. मंसूर, मो. असलम, मो. हारुन, फतेह मोहम्मद, पप्पू आदि जायरीनों की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्था संभालने में लगे रहे।