बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों के खिलाफ अभियान के तहत गुरुवार को सिकरारा और धर्मापुर ब्लाक के दो दर्जन से अधिक विद्यालय बंद करा दिए गए।
खंड शिक्षा अधिकारी ने पुलिस बल के साथ छात्रों को कक्षा से बाहर कर दिया। सभी बच्चों से कह दिया गया कि वे घर जाएं और अगले दिन से इस विद्यालय में पढ़ने के लिए नहीं आएं।
अगर उन्हें पढ़ाई करना है तो किसी मान्यता वाले विद्यालय में दाखिला लें। गौराबादशाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी ममता सरकार की ओर से बगैर मान्यता वाले विद्यालयों को एक सप्ताह पूर्व नोटिस देकर कहा
गया था कि वे उनका संचालन बंद कर दें। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर की चेतावनी भी दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी को खबर मिली थी कि उनकी नोटिस का तमाम विद्यालयों पर कोई असर नहीं है।
बिना मान्यता के ही वहां पाठशाला चल रही है। इस सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी ममता सरकार, थानाध्यक्ष विश्वनाथ यादव पुलिस बल के साथ सुबह आठ बजे निकले और 17 बगैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ताला लगवा दिया।
सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने 12 विद्यालयों में ताला लगवा दिया। गुरुवार को वह सिकरारा थाने के उप निरीक्षक मुरारीलाल के साथ उन विद्यालयों की जांच की जिन्हेेें पिछले सप्ताह नोटिस देकर
चेतावनी दी गई थी कि वे विद्यालय का संचालन तब तक के लिए बंद कर दें जब तक उन्हें मान्यता नहीं मिल जाती।
उन्होंने देखा कि नोटिस के बाद भी विद्यालय पहले की तरह चल रहे थे। संबंधित विद्यालयों से बच्चों को बाहर
निकाल कर ताला बंद करवा दिया गया। बदलापुर प्रतिनिधि के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय ने पांच विद्यालयों को पुलिस बल के साथ बंद करा दिया।