राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइयां फ्रंट के तत्वावधान में बुधवार को जिले के सभी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों से आई रसोइयों ने 12 सूत्री मांगों को लेकर शहर में भ्रमण कर शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
बड़े पैमाने पर उनकी भीड़ देखकर प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें सभा करने की छूट दी। इसके बाद उन्होंने बिना परमिशन के माइक लगाकर सभा किया।
सभा को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव जुल्फेकार अली ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है।
न तो इन्हें काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक मिल रहा है। इन्हें जब चाहा जाता है रख लिया जाता है और जब चाहे हटा दिया जाता है।
सरकार इनको हर साल नए सिरे से चयन प्रक्रिया चलाकर परेशान कर रही है। उन्होंने सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने की मांग किया।
मंडल सचिव डा. राकेश राम ने कहा कि अखिलेश सरकार एमडीएम योजना को एनजीओ को देने का प्रयास कर रही है। जिसका संगठन विरोध करेगा।
दो नवंबर को लखनऊ में लक्ष्मण मेला मैदान पर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मोहम्मद निजामुद्दीन ने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि रसोइयों के अच्छे दिन कब आएंगे।
इसके पहले टीडी कालेज से सैकड़ाें की संख्या में रसोइयों ने जुलूस निकाला और शहर भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। सभी की अध्यक्षता वाराणसी मंडल के संयोजक रमेश चंद्रा और संचालन डा. राकेश राम ने किया।
सभा को आरती शर्मा, रमेश चंद्रा, सरस्वती, सुशीला, जीरा देवी, फौजदार, रीता, पुष्पा, सुशीला सिंह, ईशरावती, दुर्गावती, शकुंतला, नीतू, कौशिल्या, ज्ञानी, राजेश सिंह, इंद्रा देवी, आरती, पूजा आदि ने संबोधित किया। सभा के बाद डीएम को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।