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दरोगा का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम

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मछलीशहर। फतेहपुर जिले में शनिवार की रात ड्यूटी के दौरन नदी में डूबने से हुई दरोगा रामजीत भारती की मौत के बाद सोमवार को उनका शव पैतृक गांव कोटवां पहुंचा। दरोगा का शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। सूचना पर इलाके के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सांसद बीपी सरोज ने भी मौके पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और दरोगा को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए परिजनों को भरोसा दिया।
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मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी रामजीत भारती फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाने में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। शनिवार की रात में संगाोलीपुर मड़ैयन घाट पर यमुना नदी पार करते समय नाव अनियत्रित होकर पलटने से नदी में डूबकर उनकी मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंचे परिजन वहां से पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर सोमवार को घर पहुंचे। सोमवार को सुबह सांसद बीपी सरोज, कोतवाल पंकज पांडेय, भाजपा नेता राकेश जायसवाल, सुरेन्द्र विक्रम सिंह, संतोष जायसवाल, दिलीप राय बलवानी, प्रधानपति धर्मराज राम समेत सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने उनके पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन किया और नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। गोमती नदी के रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शोकाकुल परिवार में मृत दरोगा के छोटे भाई राम धारी व 12 वर्षीय पुत्र को सांत्वना देते हुए सांसद ने कहा कि दरोगा रामजीत भारती कोरोना महामारी से जनता की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई है। उन्हें शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सरकार से मांग करेंगे।
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