रामनगर। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज हादसे की शिकार सास और बहु का शव बृहस्पतिवार को घर पहुंचा। शाम को दोनों की अर्थी एक साथ उठी। रामघाट पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। बाप और बेटे को एक साथ मुखाग्नि देते देख ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। नेवढ़िया थाना क्षेत्र के उसराव पुरवा गांव निवासी धर्मराज राजभर की पत्नी रामपत्ति देवी व बहू रीता देवी की प्रयागराज महाकुंभ हादसे में मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को शव करीब पांच बजे सुबह गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। धर्मराज राजभर के दोनों बेटे सूरज व पंकज रोजी-रोटी के सिलसिले से कोलकाता रहते हैं। ट्रेन लेट होने से दोनों भाई सुबह 8 बजे घर पहुंचे। घर पहुंचते ही पंकज एक तरफ अपनी मां का शव तो दूसरी तरफ पत्नी का शव देखकर फूट-फूट कर रोने लगा। यह देखकर वहां मौजूद लोग भी अपनी आंख से आंसू नहीं रोक पाए।