जौनपुर। कोविड संक्रमण के बाद अस्पतालों में बेड बढ़ाने, खराब बेडों को ठीक कराने का काम शुरू हो गया था। इसके बावजूद जिला अस्पताल के बेड की किसी ने सुध नहीं ली। 185 बिस्तर वाले इस अस्पताल के 40 बेड कबाड़ हो गए हैं। स्ट्रेचर भी जंग खा रहे हैं।
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं कती शुक्रवार को पड़ताल की गई तो पता चला कि 40 बेड जो कबाड़ हो हैं। उनमें कुछ को एक कक्ष में रखकर ताला लगा दिया गया है और कुछ को छत पर फेंका दिया गया है। ऐसे में यहां फिलहाल 145 मरीजों की ही भर्ती की जा रही है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन अस्पताल में बेड की सुविधा बढ़ाने के बजाय बेडों की संख्या घटती जा रही है। डेंगू के मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करने के लिए 10 बेड का एक वार्ड बनाया गया है। अब इसमें ताला बंद है।
जिला अस्पताल में 145 बेड चालू हालत में हैं। कुछ बेड खराब हो गए हैं। खराब या टूटे बेडों को अस्पताल के एक कमरे में रखा गया है। मौसम ठंडा है, इसके मरीज कम हैं कोई दिक्कत नहीं है। गर्मी से पहले ही बेड की व्यवस्था करा ली जाएगी, ताकी मरीजों को भर्ती कर इलाज करने में कोई दिक्कत न आए।
-डॉ. केके राय, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर