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Jaunpur News: सराफा व्यापारी हत्याकांड में चौथे दिन भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर

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सिकरारा। क्षेत्र के प्रतापगंज बाजार निवासी सराफा व्यापारी हत्याकांड के बाद उनके आवास और आस-पास के व्यापारियों के यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। हत्याकांड के चार दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। चार दिन पहले अनुराग का शव संदिग्ध हालत में पेड़ से टंगा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनुराग की माैत की वजह हत्या बताई गई थी। चाैथे दिन परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
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प्रतापगंज बाजार के सराफा व्यवसायी अनुराग सोनी का शव बुधवार को क्षेत्र के पूराबघेला (कलवारी) गांव के कन्नौजिया बस्ती से राजपूत बस्ती जाने वाले खड़ंजा मार्ग से सटे पुराने चिलबिल के पेड़ की बहुत पतली डाल से उसी के गमछे के सहारे लटकती मिली थी। परिजनों ने बताया कि अनुराग उस दिन सबेरे आठ बजे से किसी से लगातार फोन पर बात कर रहा था। भोजन के बाद वह करीब साढ़े नाै बजे बाइक से सुरतासापुर गांव में मनोज यादव के यहां श्रद्धांजलि देने पहुंचा था। वहीं पर उसे किसी का फोन आया तो जल्दी से निकला और 10 बजे के बाद उसका शरीर फंदे से लटकता मिला था। उसका शरीर झूलकर घुटने के सहारे जमीन को छू रहा था। पुलिस इस तर्क पर इसे आत्महत्या करार दे रही थी कि मृतक के शरीर से लेकर झोले में रखे आभूषण, मोबाइल आर बाइक घटना स्थल पर ही सुरक्षित मिले। सूचना पर पहुंचे परिजन और अन्य ग्रामीणों को शरीर की स्थिति और गले में लगा गमछा देख कर साफ लग रहा था कि दाल में काल है। बृहस्पतिवार देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस ने पिता अनिल सोनी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी। मृतक के मोबाइल फोन के सीडीआर के आधार पर पुलिस कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर भी लगा रखा है। परिजन उसी दिन से कह रहे थे कि उनका बेटा ऐसा नहीं कर सकता है। अब देखना यह है कि पुलिस कितने दिनों में हत्याकांड का खुलासा करती है। इस बाबत थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि घटना में गहन जांच चल रही है। टीमें गठित कर मामले की तह तक पहुंचने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही सफलता मिलेगी।

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दो हत्या और सात बार की छिनैती का दंश झेल रहा है परिवार

प्रतापगंज स्थित स्व अनुराग सोनी के आवास पर शनिवार दोपहर बाद भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय व महामंत्री सुनील तिवारी अपने सहयोगियों के साथ श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पिता अनिल सोनी और उनके बड़े भाई अशोक सोनी फफक पड़े। अपने बेटे की जघन्य हत्या और उसे आत्महत्या की कहानी गढ़ने वाले अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। अशोक ने बताया कि चार सितंबर की घटना को जोड़कर उसके परिवार को 19 साल में दो हत्या और सात बार छिनैती का शिकार होना पड़ा है। प्रशासन की ओर से कभी भी समुचित कार्रवाई नहीं हुई। फरवरी 2005 में उनके शिक्षक पिता रामजी सेठ को दुदौली से घर आते समय रईया माइनर के पास गोलियों से छलनी कर उनके आभूषणों के थैले को लुटेरे लूटकर फरार हो गए थे। उसमें 19 साल बीतने पर भी कचहरी से अभी तक फैसला नहीं आया। उधर पिता खोना पड़ा इधर बेटा।
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