एआरटीओ कार्यालय में मंगलवार को डीएम और एसपी की छापेमारी में पकड़े गए 37 लोगों में से 10 को पेशेवर दलाल के रूप में चिह्नित करते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया।
पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में भरा हुआ फोटोयुक्त पंजीयन फार्म, डीएल फार्म, सादे पेपर, रसीद, रजिस्टर, नोटबुक आदि बरामद किया है।
पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एआरटीओ कार्यालय के तीन काउंटर से कब्जे में लिए गए कैश और रसीद की मिलान में सभी काउंटर से रुपये कम मिले हैं।
इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है। मंगलवार को तहसील दिवस के मौके पर अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी भारत सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ एआरटीओ कार्यालय
पहुंचे थे। कार्यालय के मुख्य गेट को अंदर से बंद कराकर डीएम और एसपी ने खुद एक एक कर के लोगों की तलाशी ली थी। संदिग्ध मिले 37 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। लाइनबाजार थाने लाकर पुलिस ने पूछताछ की।
10 लोगों को पुलिस ने पेशेवर दलाल के रूप में चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। बाकी लोगों को छोड़ दिया गया। बुधवार को पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में जानकारी देते हुए डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने
बताया कि पकड़े गए लोग एआरटीओ कार्यालय के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं। कार्यालय में आने वाले लोगों को बाहर ही घेरकर पकड़ लेते हैं और डीएल, वाहनों का पंजीयन आदि करवाने वालों से धनउगाही कर उनका काम कराते थे।
यहां सक्रिय दलाल किसी को सीधे काउंटर पर नहीं पहंचने देते थे। पुलिस ने एआरटीओ प्रशासन उदयराज पाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर सभी का चालान कर दिया।