जौनपुर। सड़क दुर्घटना के एक मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति की धनराशि अदा न करने पर कोर्ट ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, शाखा रुहट्टा के खिलाफ ब्याज सहित कुल 11 लाख रुपये की आरसी जारी की थी। इस बीच तहसीलदार द्वारा कंपनी से धनराशि वसूल कर कोर्ट में जमा नहीं कराई गई और न ही अवगत कराया गया। इस पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मनोज कुमार अग्रवाल ने 5 दिसंबर 2025 की तिथि नियत करते हुए तहसीलदार सदर से जवाब तलब किया है।
आदेश में कोर्ट ने कहा है कि किन कारणों से वसूली की धनराशि कोर्ट में जमा नहीं कराई गई। आदेश का अनुपालन न होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रतापगढ़ के भैरोपुर निवासी छोटेलाल के बेटे मोनू निषाद की सिंगरामऊ इंटर कॉलेज से पढ़कर लौटते समय 13 जुलाई 2016 को एक बजे दिन में हरिहरपुर पानी टंकी के पास ट्रक से दुर्घटना में मौत हो गई थी। माता-पिता ने कोर्ट में क्षतिपूर्ति का मुकदमा ट्रक के मालिक, चालक व बीमा कंपनी के खिलाफ दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रक चालक की लापरवाही पाए हुए बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 3 सितंबर 2022 को आदेश दिया कि याचीगण को 6.61 लाख रुपये 2 नवंबर 2016 से वास्तविक भुगतान के दिनांक तक 7.5 फीसदी ब्याज सहित अदा करें। लेकिन बीमा कंपनी ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया। इस पर याची छोटेलाल ने कंपनी के खिलाफ धनराशि की वसूली के लिए ईजरा दाखिल किया। कोर्ट ने कंपनी को वसूली पत्र कलेक्टर के जरिये जारी किया, लेकिन तहसीलदार द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं कराया गया।