मछलीशहर तहसील में इस समय तहसील के लिए नए कोर्ट रूम का निर्माण चल रहा है और पुराने भवनों को गिराया जा रहा है। एसडीएम कोर्ट भी बन चुका है। इधर जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ को सूचना मिली की पुरानी ईंटों से ही तहसील की बाउंड्री वॉल बनाई गई है और तीन नंबर ईंटों से बाथरूम के सोख्ते बनाए जा रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम के जेई सौरभ सुमन को तलब किया और कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने पर जिलाधिकारी से शिकायत की।
जॉइंट मजिस्ट्रेट ने जेई से निर्माण का नक्शा और कार्य का विवरण मांगा। बाउंड्रीवॉल कितनी चौड़ी हो और उसमें कौन सी ईंट लगेगी, इसकी जानकारी मांगी। मौके पर नक्शा और कार्य का विवरण ठीक रूप से जेई नहीं दे पाए। जानकारी के लिए बता दें बाउंड्री वॉल का निर्माण 5 इंच चौड़ा कराया जा रहा है, जबकि इसकी चौड़ाई 9 इंच होनी चाहिए। पुरानी ईंटों से ही पूरी दीवार बना दी गई है। उसे ढंकने के लिए प्लास्टर कर दिया गया है, ताकि मालूम न हो कि पुरानी ईंट है या नई। मछलीशहर तहसील के अंदर कोर्ट रूम और बाउंड्रीवाल का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम करवा रहा है। इसके निर्माण में 344.61 लख रुपये खर्च होंगे। जॉइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्होंने कार्य की गुणवत्ता को लेकर और पुरानी ईंटों से बाउंड्रीवाल के निर्माण को देखते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। जांच में यदि कोई कमी पाई जाएगी तो संबंधित ठेकेदार और जेई के खिलाफ कार्रवाई होगी।