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देर से पहुंची टीम, नहीं खींची जा सकी आबादी की एक भी तस्वीर

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जौनपुर। स्वामित्व योजना के तहत घरौनी तैयार करने के लिए ड्रोन कैमरा से आबादी की भूमि की तस्वीर लेने का कार्य रविवार को शुरू नहीं हो सका। टीम के जिले में देर से पहुंचने के कारण इसे अब सोमवार से शुरू किया जाएगा। पहले दिन मछलीशहर के चिह्नित सभी गांवों के आबादी की भूमि की तस्वीरें ली जाएंगी। इसके बाद अन्य तहसीलों में अभियान चलेगा।
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गांवों में आबादी की भूमि का मालिकाना हक देने और उससे जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने घरौनी बनाने की योजना बनाई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सदर तहसील के दस गांवों का सर्वे हुआ था। अब दूसरे चरण में जिले की सभी तहसीलों के कुल 3529 राजस्व गांवों के सापेक्ष 2432 गांवों की घरौनी बनाने का क्रम शुरू हो गया है। इन गांवों में आबादी की भूमि की तस्वीरें ड्रोन कैमरा की मदद से ली जाएगी। इसके बाद मानचित्र बनाकर उस पर दावे-आपत्तियां लेते हुए घरौनी तैयार की जाएगी। तस्वीर खींचने का कार्य रविवार से ही शुरू होना था, लेकिन चार सदस्यीय टीम के देरी से पहुंचने के कारण इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। अब टीम सोमवार से कार्य शुरू करेगी। सबसे पहले मछलीशहर के चिह्नित 329 गांवों के आबादी के भूमि का पता लगाने के लिए तस्वीरें लेगी।
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वर्जन...
- स्वामित्व योजना के तहत दूसरे चरण में चिह्नित गांवों में आबादी के भूमि की तस्वीरें लेने के लिए ड्रोन कैमरा समेत चार सदस्यीय टीम जिले में पहुंच चुकी है। यह टीम पहले मछलीशहर तहसील के सभी चिह्नित गांवों में जाकर तस्वीरें खीचने का कार्य करेगी। इसके बाद बारी-बारी अन्य तहसीलों में कार्य होगा। -राजकुमार द्विवेदी, एडीएम, भू एवं राजस्व।
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