परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे कमजोर छात्रों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। शिक्षक प्रत्येक दिन अतिरिक्त कक्षा में इनको पढ़ाएंगे और होमवर्क भी देंगे। बच्चे घर पर अभिभावकों की सहायता से इसे हल करके लाएंगे। दूसरे दिन शिक्षक इसको जांचेंगे।
विभागीय अधिकारी निरीक्षण के दौरान इन बच्चों से सवाल पूछकर शिक्षा का आकलन करेंगे। खासकर भाषा और गणित की स्थिति सुधारने के लिए पहले की जा रही है। जिले में 2807 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब तीन लाख बच्चे पंजीकृत हैं।
सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निपुण भारत मिशन लागू किया है। इसके तहत सभी बच्चे भाषा और गणित विषय में निपुण बनाए जा रहे हैं। पढ़ाई में कमजोर बच्चों की नियमित शिक्षक ऐसे बच्चों को अतिरिक्त कक्ष में बैठाकर पढ़ाएंगे। साथ ही घर के लिए होमवर्क भी दिया जाएगा। ताकि संबंधित बच्चे भी प्रदर्शन करते हुए निपुण हो सकें। बीएसए डाॅ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि इस शैक्षिक सत्र में इससे अधिक स्कूलों को निपुण घोषित करने का लक्ष्य तय किया है। सभी शिक्षकों को निर्देश भी दे दिया गया हैं कि छात्रों की स्थिति सुधारने के लिए पहल की जाएगी।
जिले में 2807 स्कूलों का हो रहा संचालन
जिले में 2807 परिषदीय स्कूलों का संचालन हो रहा है। इसमें प्राथमिक विद्यालय 1930, उच्च प्राथमिक विद्यालय 411 और कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 466 है। इस विद्यालयों में करीब तीन लाख पढ़ाई कर रहे हैं। इनकी निगरानी करने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिया गया है। भाषा और गणित में निपुण बनाने के लिए अभियान चल रहा है।