जौनपुर। माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मूल्यांकन केंद्रों तक बुलाकर अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। मूल्यांकन शुरू होने से दो दिन पहले ही मूल्यांकन केंद्र पर 50 से 60 किमी दूर से हस्ताक्षर करने के लिए बुला लिया गया। जबकि इसका पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 मार्च से 1 अप्रैल तक हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए शिक्षकों को पत्र जारी किया गया है। सोमवार को एक हजार से अधिक शिक्षकों को केवल हस्ताक्षर करने के लिए 50 किमी से बुलाया गया था। जबकि इसका पारिश्रमिक उनकों नहीं दिया जाएगा। यह शिक्षक 18 मार्च को मूल्यांकन के दिन भी हस्ताक्षर कर सकते थे। बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन केंद्रों के हजारों शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से बाहर रखा गया है। इनको परीक्षक नहीं बनाया गया है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भविष्य में इस प्रकार के निर्णयों पर पुनर्विचार करते हुए मूल्यांकन केंद्रों के शिक्षकों को भी परीक्षक बनाए जाने की जरूरत है। शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेद्र यादव ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस निर्णय पर भी नाराजगी जताई है। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज से दोनों समस्याओं के समाधान पर सहानुभूति विचार करते हुए शिक्षकों को परीक्षक बनाने की मांग की। मूल्यांकन के दो दिन पूर्व की उपस्थिति को मूल्यांकन संबंधी ड्यूटी मानकर उचित पारिश्रमिक देने की मांग की।