सिरकोनी। स्थानीय ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय परियावां (बनपुरवा) में शुक्रवार को शिक्षकों की गंभीर लापरवाही सामने आई। कक्षा दो का एक छात्र स्कूल में ही सो गया, जबकि छुट्टी के समय शिक्षकों ने कमरे में उसकी मौजूदगी की पुष्टि किए बिना बाहर से ताला बंद कर विद्यालय छोड़ दिया। आधे घंटे तक मासूम बंद कमरे में फंसा रहा। उसने किसी तरह खिड़की खोलकर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर दोपहर करीब 2:30 बजे उसे बाहर निकाला गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है।
खंड शिक्षा अधिकारी अमरेश कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा दो का छात्र शुक्रवार को स्कूल गया था। दोपहर बाद पढ़ाई के दौरान उसे नींद आ गई और वह कक्षा में ही सो गया। दोपहर करीब दो बजे स्कूल की छुट्टी होने पर लापरवाह स्टाफ ने कमरों की बिना जांच किए बाहर से ताला जड़ दिया और रवाना हो गए। जब उसकी आंख खुली, तो उसने खुद को अंधेरे कमरे में अकेला पाया। सहमे मासूम ने हिम्मत नहीं हारी उसने कमरे में रखी बेंच को खींचकर खिड़की तक पहुंचाया। बेंच पर चढ़कर उसने किसी तरह खिड़की खोली और बाहर की तरफ जोर-जोर से रोते हुए मदद की गुहार लगाने लगा।
प्रधानाध्यापिका कृष्णा कुमारी ने कहा कि जैसे ही बच्चे के कमरे में बंद हो जाने की सूचना मिली, बीच रास्ते से विद्यालय की तरफ लौटीं। इसके पहले मेरी सूचना पर सहायक अध्यापिका महिमा सिंह के पति को भिजवाकर कमरे का ताला खोल बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था।
शनिवार की सुबह विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की गई। छात्र तथा उसकी दादी को बुलाया गया था। जांच में प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापिका कृष्णा और सहायक अध्यापिका महिमा सिंह की लापरवाही सामने आई है। उच्चाधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा है। -अमरेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी