बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने खुद इस बात को माना है कि परिषदीय विद्यालयों में बहुत से शिक्षक दूसरों के सहारे नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक ठेकेदारी और दूसरा धंधा कर रहे हैं और स्कूलों में पांच से सात हजार रुपये देकर दूसरों से पढ़वा रहे हैं।
बुधवार को गेस्टहाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बड़ी बेबाकी से इस बात को स्वीकार की। मंत्री ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था पहले से चौपट हो चुकी है। सपा सरकार उसे पटरी पर लाने का काम कर रही है।
इसी प्रयास का नतीजा है कि प्रदेश में 19 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। आने वाले समय में ऐसे शिक्षक या तो खुद स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे या नौकरी से बाहर होंगे।
उन्होंने कहा कि मै खुद प्राइमरी में पढ़ा हूं और ऊपर की सभी कक्षाओं में टापर रहा। व्यवस्था को चौपट कर दिया गया है। जनता ने जिस उम्मीद से सपा को सत्ता में लाया है सरकार उन सभी उम्मीदों को पूरा कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले का मसौदा तैयार कर लिया गया है। अगले महीने में इसे कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी। इस मौके पर प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर, सपा जिलाध्यक्ष राजनारायण बिंद, शिक्षक नेता लालसाहब यादव आदि थे।