जौनपुर। सोशल मीडिया पर ‘चाय खतरे में है, मित्र चीनी पहुंच गई है सत्तर’ लिखकर चीनी की बढ़ती कीमत पर व्यंग्य करना शाहगंज तहसील के लेखपाल अशोक कुमार यादव को भारी पड़ गया। फेसबुक पर की गई सार्वजनिक टिप्पणी को शासन की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार सरपतहां को जांच अधिकारी बनाया गया है। एसडीएम शाहगंज की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक, लेखपाल अशोक कुमार यादव ने 23 अगस्त 2026 को अपने फेसबुक अकाउंट से चीनी की कीमत के लिए टिप्पणी करते हुए फोटो सहित सार्वजनिक पोस्ट की थी। पोस्ट में उन्होंने खुद को राजस्व लेखपाल, तहसील शाहगंज के रूप में भी दर्शाया। अधिकारियों ने माना कि सरकारी सेवक के पद का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक मंच पर शासन की नीति और महंगाई के लिए की गई टिप्पणी से आमजन में शासन की नीतियों के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है। आदेश में कहा गया है कि लेखपाल का कृत्य प्रथमदृष्टया उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3(1) और नियम 7 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। पोस्ट करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं लेने को भी नियमावली के विपरीत माना गया है। निलंबन के साथ ही नायब तहसीलदार सरपतहां को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 15 दिन के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार अम्बष्ट ने कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शाहंगज एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित किया है। लेखपाल ने सोशल मीडिया पर ‘चाय खतरे में है, मित्र चीनी पहुंच गई है सत्तर...’ लिखकर चीनी की बढ़ती कीमत पर व्यंग्य किया था। खुद को राजस्व लेखपाल, तहसील शाहगंज के रूप में भी दर्शाया, जो नियमानुसार शासनादेश का उल्लंघन है। इसके कारण लेखपाल को निलंबित किया गया है। निलंबन के साथ ही नायब तहसीलदार सरपतहां को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 15 दिन के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।