आजमगढ़ और जौनपुर के शातिर बदमाशों पर शक
पुलिस के सर्विलांस पर है जफराबाद इलाके के पांच गांवों के शातिर
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सिविल लाइन में सराफा कारोबारी सुरेश सेठ के यहां हुई डकैती के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस को आजमगढ़ एवं जौनपुर जिले के कुछ शातिर बदमाशों पर डकैती की घटना को अंजाम देने का शक है। जफराबाद इलाके के पांच गांवों के शातिर बदमाश पुलिस सर्विलांस पर हैं। पूछताछ के लिए पुलिस ने तीन लोगों को उठाया है। इनसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
बदलापुर पड़ाव दिलाजाक मोहल्ला निवासी सेठ चुन्नीलाल के चार पुत्र हैं। सबसे बड़े गुडडू सेठ की सिविल लाइन में मां लक्ष्मी ज्वेलर्स, दूसरे पुत्र सुरेश सेठ की श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स, तेजू सेठ की श्रीलक्ष्मी ज्वेलर्स नाम से 100 मीटर के दायरे में दुकानें हैं। चौथे भाई मंगल सेठ की दुकान हनुमान घाट के निकट है। सुरेश सेठ के मृदुभाषी एवं मिलनसार होने के कारण पुलिस वालों का उनके यहां बैठना- उठना रहता है। घटना के दिन भी एसओ महिला कुछ सिपाहियों के साथ बैठी थीं। उनके पूर्व भी कुछ महिला सिपाही खरीदारी करने गई थीं। यूपी 100 और लाइन बाजार पुलिस का भी सुरेश सेठ के यहां आना-जाना लगा रहता है। सुुरेश सेठ की फर्म श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स फर्म एक्सिस बैंक के ठीक सामने है। सुरेश ने बताया कि गुरुवार की रात नौ बजे के बाद हेलमेट पहने और मुंह बांधे छह बदमाश दुकान में घुसे। बदमाशों ने काले रंग का एक बैग मेरे ऊपर फेंककर धमकी देते हुए गहनों को भरने के लिए कहा। जरा सी देर होने पर उनके सिर पर पिस्टल के बट से प्रहार कर दिया। सिर से खून बहने लगा और दर्द से तड़पने लगा। बैग एवं सफेद रंग के झोले में गहने भरने लगे। डकैत दो मिनट बीस सेकेंड में गहने भरकर दुकान से बाहर निकले और हवाई फायरिंग करते हुए तीन बाइक पर सवार होकर भाग गए।
सुरेश ने बताया कि तीन किलो एक सौ 75 ग्राम सोने के गहने कीमत तकरीबन एक करोड़ रुपये, डायमंड की 13 अंगूठी कीमत तकरीबन तीन लाख 85 हजार एवं नगदी एक लाख ले गए। पुलिस इस मामले में छह अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट एवं डकैती के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस को एक अधिवक्ता की हत्या की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों एवं जफराबाद इलाके के पांच गांवों के बदमाशों पर डकैती की घटना को अंजाम देने का शक है। एडीजी जोन ब्रजभूषण शर्मा का कहना है कि पुलिस कई पहलुओं पर कार्य कर रहीं है। महत्वपूर्ण सुराग पूछताछ में हासिल हुआ है। जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।
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कई दिनों से खरीदारी करने के बहाने आ रहा था युवक
जौनपुर। श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स पर एक युवक कई दिनों से गहनों की खरीदारी के लिए बार-बार आ रहा था लेकिन उसने गहनों की खरीद नहीं की। उसने डायमंड के गहने भी निकलवाकर देखे थे। सुरेश ने यह बात पुलिस अधिकारियों की बताई तो पुलिस ने उनका सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर देखने का प्रयास शुरू किया लेकिन सीसीटीवी का बैकअप नहीं दिख सका। आईजी ने हार्ड डिस्क वाराणसी मंगा ली है। युवक की शिनाख्त होने के बाद पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लग जाएगा, जिससे आसानी से डकैतों तक पहुंच सकेगी। युवक और सिपाहियों पर मुखबिरी करने का शक है।
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फल विक्रेता ने डकैतों पर किया था पथराव
जौनपुर। डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश जब बाहर निकलकर फायरिंग पिस्टल से करने लगे तो फल विक्रेता प्रमोद गुप्ता की दुकान पर गोली चली गई। इससे गुस्साएं प्रमोद ने बदमाशों पर भागने के दौरान दो - तीन ईट चलाएं लेकिन ईट बदमाशों को नहीं लग सकी। अगर लगती भी तो बदमाश हेलमेट पहने हुए थे। एक प्रश्न लोगों को बार - बार कुरेद रहा है कि बदमाशों ने दुकान के अंदर फायरिंग क्यों नहीं की। जबकि बाहर निकलते ही उन्होंने बीस से अधिक राउंड गोलियां हवा में चलाईं।
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वीडियो बनाने वाला युवक कौन
जौनपुर। सूत्रों की मानें तो सराफा के यहां डकैती की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों का आस-पास की छत से एक युवक वीडियो बना रहा था। लेकिन वीडियो न तो पुलिस के हाथ लग सका है और न ही सराफा कारोबारी को ही वीडियो बनाने वाले ने दिया है। ऐसे में आशंका है कि बदमाशों के भय से युवक वीडियो पुलिस को देने का साहस नहीं जुटा सका। अगर पुलिस के हाथ वीडियो लग जाता तो खुलासे में काफी मदद मिल जाती।