क्षेत्र के दाउदपुर गांव में किसानों को जागरूक के लिए बृहस्पतिवार को किसान गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें तकनीकी सहायक प्रमोद उपाध्याय ने कहा कि सुपर सीडर से खेती करने का तरीका बदल रहा है। सीड ड्रिल से गेहूं की बोआई करने से खाद और बीज दोनों की बचत होती है। सिंचाई और उर्वरक के छिड़काव में भी सहूलियत होती है।
उन्होंने किसानों को बताया क्षेत्र के जमालपुर, खजुरहट, बटनहित, चौकीखुर्द, कुंवरपुर सहित सभी गांवों में धीरे धीरे किसान गेहूं की बेहतर पैदावार के लक्ष्य के साथ आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। सभी गांवों के अधिकांश किसानों ने सुपर सीडर मशीन के माध्यम से गेहूं की बोआई शुरू कर दी है। इस तकनीक से न केवल बुआई आसान होती है बल्कि उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। जमालपुर निवासी किसान नामवर सिंह ने बताया कि सुपर सीडर से बोआई करने पर एक भी बीज बेकार नहीं जाता। मशीन से बोए गए सभी बीजों का समान रूप से जमाव होता है, इससे खेत में पौधों की लाइनें कतारबद्ध रहती हैं। साथ ही खाद और बीज एक ही स्थान पर गिरने से फसल की जड़ मजबूत होती है और पौधे तेजी से विकसित होते हैं। किसानों के अनुसार सुपर सीडर की मदद से खेती करने पर खेत की मिट्टी कम उखड़ती है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इससे सिंचाई के खर्च में भी कमी आती है। किसानों को उम्मीद है कि इस आधुनिक पद्धति से इस बार गेहूं की पैदावार पहले की अपेक्षा अधिक प्राप्त होगी।