जौनपुर। मोटे अनाज की जानकारी अब बच्चों को भी दी जाएगी। मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभप्रद है। इस अनाज की खूबियां व उपयोगिता कैसे बढ़ाई जाए, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कृषि विभाग की ओर से बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग के 100-100 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यह शिक्षक छात्रों को मोटा अनाज यानी मिलेट्स की खूबियां समझाएंगे।
जिले में इस साल 12 हजार हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती की गई है। किसानों को अपने उपज का उचित मूल्य मिल सकें, इसके लिए ग्राम पंचायतों के नजदीक क्रय केंद्र भी बना दिए गए है जिस पर किसान अपनी उपज को सरकारी रेट पर बेच सकता है। विदेशों में श्री अन्न की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। अब मोटे अनाज की उपयोगिता के बारे में बच्चे भी जानेंगे। इसके लिए पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों को जानकारी मुहैया कराएंगे। ज्वार, बाजारा, कोदो, सांवा, मडुवा, रागी मूल रूप से हमारी धरोहर है। गेंहू और चावल के अधिक चलन के कारण हम इसके महत्व को भूल गए हैं, जबकि आज पूरी दुनिया श्री अन्न की उपयोगिता को समझ रही है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व हमें कई प्रकार की बीमारियों से बचाते है।
श्री अन्न को बढ़ावा देने व नौनिहालों में इसकी जानकारी देने के लिए मिलेट्स पुनरूद्धार कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कृषि विभाग 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें निपुण बनाएगा। ये शिक्षक नौनिहालों को स्कूल में इसकी उपयोगिता बताएंगे। साथ ही अभिभावकों को इसके उत्पादन प्रति जागरूक करेंगे।
- डॉ.रमेशचंद्र यादव, उप परियोजना निदेशक आत्मा।