जौनपुर। जिले में छुट्टा पशु लोगों की जान के दु्श्मन बन गए हैं। शुक्रवार की शाम चंदवक में छुट्टा पशु के चलते हुए सड़क हादसे में तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। आंकड़ों पर गौर करें तो हर महीने चार से छह हादसे छुट्टा पशुओं के चलते हो रहे हैं। इसमें लोगों की जान जा रही है, जबकि कई लोग गंभीर रुप से घायल हो चुके हैं। अफसरों का दावा है कि जिले के अधिकांश पशुुओं को गोशालाओं में रखा जा चुका है। फिर सड़कों पर घूम रहे पशु कहां से आ रहे हैं, इस पर वह मौन है। शहर में ही दर्जनों स्थानों पर छुट्टा पशुुओं को बीच सड़क पर घूमते देखा जा रहा है। जिम्मेदार इससे बेखबर बने हुए हैं। यह हालात तब हैं जब जौनपुर जिले में छुट्टा पशुओं के रख रखाव पर हर महीने सरकारी खजाने से करीब 50 लाख खर्च किया जा रहा है।
प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे के दौरान जिले में साढ़े सात हजार छुट्टा पशुुओं को चिह्नित किया गया था। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बने 74 गोशालाओं में 5774 पशुुओं को शरण दिलाई जा चुकी है। अधिकांश पशु गोशाला में है, जिनकी अच्छी देखभाल की जा रही है। इससे इतर स्थिति ठीक उलट है। सड़कों पर, खेत-खलिहानों में छुट्टा पशु हर ओर घूमते दिख रहे हैं। परेशान किसानों को उनसे बचाव के लिए रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। अगर प्रशासन ने अधिकांश पशुुओं को गोशालाओं में भेज दिया है तो सड़कों पर घूम रहे पशु कहां से आ रहे हैं।
छुट्टा पशुुओं के कारण हुए एक सप्ताह में यह हादसे
* 15 फरवरी की शाम लाइनबाजार थाना क्षेत्र के जगतगंज के पास साड़ से टकराकर बाइक सवार भदोही जिले के जाहिदपुर नई बाजार निवासी मो. मसूद (27) की मौत हो गई।
* 21 फरवरी को बदलापुर-प्रयागराज मार्ग पर महराजगंज के पास रामदेव का पूरा निवासी सरोजा(30) पत्नी अरविंद पैदल जा रही थी। तभी सांड़ ने उनपर हमला कर दिया। वह बचने के लिए सड़कर भागी तो बाइक की चपेट में आकर घायल हो गई।
* 18 फरवरी को मीरगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी दिनेश कुमार (18) पुत्र इंद्राज प्रजापति बाइक से परीक्षा देने जा रहे थे। उनकी बाइक बंधवा बिलरा मार्ग पर सेमरहो गांव के गाय से टकरा गई। छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
* 14 फरवरी को मुंगराबादशाहपुर कस्बा निवासी एवं भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्त डब्बल (30) बाइक से कहीं से लौट रहे थे। वह इटहरा गांव के पास अचानक सामने आए सांड़ से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
छुट्टा पशुओं को रखने के लिए जिले में कुल 74 गोशाला स्थापित की गई है। इन गोशालाओं में 5774 पशु रखे गए हैं। इन पशुओं पर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान बीडीओ के माध्यम से किया जाता है। गांवों में छुट्टा पशुओं को गोशाला पहुंचाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और बीडीओ की है।
डॉ वीरेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जौनपुर।