करंजाकला। उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से शनिवार की दोपहर राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज की मौजूदा व्यवस्थाओं और चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही मेडिकल कॉलेज में जल्द से जल्द आईपीडी और इमरजेंसी सेवा शुरु करने को कहा है। राज्यमंत्री नेनिरीक्षण की शुरुआत अस्पताल भवन से की। मंत्री ने सबसे पहले ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) भवन का निरीक्षण किया और वहां मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने आईपीडी (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) भवन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आईपीडी को हर हाल में जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा सके। इसके बाद राज्यमंत्री प्रशासनिक भवन पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण निगम के विद्युत विभाग को आदेश दिया कि लिफ्ट, इलेक्ट्रिकल फिटिंग और बिजली सप्लाई का कार्य जल्द पूरा किया जाए। विद्युत के अधूरे काम की वजह से सिविल का काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए, मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रुचिरा सेठी से बातचीत की और कॉलेज की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में यह भी तय किया गया कि जल्द ही इमरजेंसी सेवाएं शुरू की जाएंगी, ताकि गंभीर मामलों में तत्काल इलाज संभव हो सके। साथ ही राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा मेडिकल कॉलेज को प्रदेश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में लाने की है। इसके लिए यहां सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट स्थापित करने की योजना पर भी काम शुरू किया जा रहा है। राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि निर्माण और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की पहली प्राथमिकता है।