जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख चुनाव में मिली हार सपा के लिए जोर का झटका है। अब पार्टी को भी भितरघात का पूरा यकिन हो गया है। ऐसे में सपा बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। जांच के लिए तीन स्तर से जांच कमेटी बनाई गई है, जो जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के अध्यक्ष और सक्रिय कुछ कार्यकर्ताओं से जानकारी हासिल कर अपनी रिपोर्ट देगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 55 सीटों का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी को महज 12 मत ही मिले थे, जबकि पार्टी के कैंप कार्यालय से ही उठकर 39 जिला पंचायत सदस्य मतदान के लिए गए थे। जिसे लेकर प्रदेश कार्यालय तक शिकायतें हुई थी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल सात जुलाई तक पूरी रिपोर्ट मांगी थी। इसी बीच ब्लाक प्रमुख पद के लिए भी चुनाव शुरू हो गया, जिसके कारण जिला इकाई को मोहलत दे दी गई। मगर, इस चुनाव में भी पार्टी को तगड़ा झटका लगा। पार्टी की सख्ती के बाद भी कई सीटों पर प्रत्याशियों ने नामांकन ही नहीं किया। जो लड़े भी उनमें भी कुछ पर संदेह होने लगा। स्थिति यह हुई कि सपा को 21 सीटों में महज मछलीशहर और धर्मापुर में ही जीत हासिल हुई। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व और खफा हो गया है। खबर है कि 15 जुलाई के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे को लेकर फिर से समीक्षा बैठक होगी। जिला प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी का कहना है कि ब्लाक इकाई के 21, विधानसभा स्तर के 21 और जिला ईकाई के 51 सदस्यों वाली कमेटी को हार के कारण और भितरघातियों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी गई है। इनमें ब्लाक और विधानसभा स्तर के कमेटियां अपने स्तर से बूथ अध्यक्ष तक से स्थिति और संदेह के दायरे में आए नेताओं के बारे में जानकारी हासिल करेंगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट जिला इकाई को देगी, जो फाइनल रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए प्रदेश कमेटी को भेज देगी। जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव का कहना है कि पार्टी के साथ भितरघात करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।