मकर संक्रांति की तैयारियों के निमित्त बाजार से तिलकुट और ढुंढे की सोंधी खुशबू उठने लगी है। त्योहार की तैयारियों में शहर के दूकानदार जुट गए हैं। जगह-जगह लाई-गट्टा की दुकानें सजाकर व्यापारी बैठे हैं। दूकानदार गट्टा, तिलवा, पपड़ी, ढूंढा बनाने में लग गए हैं।
मकर संक्रांति एक सप्ताह शेष है। लोगों ने अपने-अपने रिश्तेदारों के यहां खिचड़ी पहुंचाने का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। गांव में बच्चे खिचड़ी के अवसर पर अलाव जलाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। शहर के ओलंदगंज, पालीटेक्निक चौराहा, बदलापुर पड़ाव, कोतवाली, चहारसू, सब्जीमंडी, कचहरी रोड, लाइन बाजार सहित देहात क्षेत्र की सभी बाजारों में एक सप्ताह पहले ही लाई चूड़ा की बिक्री शुरू हो गई।
महंगाई के बावजूद बाजार में खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। गट्टा 60, चूड़ा 30 से 40, लाई 40, लाई का ढुंढा 80, गुड़ का तिलकुट 120, तिल की पट्टी 120, लाई पट्टी 80, बजरी का ढुंढा 100, तिल्ली की बर्फी 240 और बादाम की पट्टी 120 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है।