जौनपुर। भारतीय संस्कृति में माता पिता को प्रथम गुरु के साथ पिता को आसमान से ऊंचा तो मां को पृथ्वी से बड़ा बताया गया है। भौतिकता की चकाचौंध में नैतिकता इस कदर गिरती जा रही है कि लोग धन संपत्ति के लालच में संस्कारों को खोते जा रहे हैं। इसका उदाहरण खुटहन गांव निवासी कैलाशनाथ के साथ देखने को मिली। वह ब्लाॅक मुख्यालय के बगल गुमटी में चाय-पान की दुकान चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। रविवार को बेटा विपिन दुकान पर पहुंचा। कहा कि सारी जमीन मेरे नाम से बैनामा कर दो। पिता ने उसे समझाते हुए कहा कि मेरे बाद सारी जमीन तुम तीनों भाइयों के नाम हो जाएगी। मैं जीते जी ऐसा कदापि नहीं करूंगा। आवेश में आकर बेटे ने डंडे से पिता के सिर पर प्रहार कर दिया। इससे वे लहूलुहान होकर गिर गए। उसके बाद भी बेटे को अधेड़ पिता पर दया नहीं आई। वह लात घूंसों से पीटने लगा। मौके पर जुटे लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को सीएससी ले जाकर उपचार कराया। इस बाबत थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर पुत्र के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्जकर लिया गया।