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UP: रिक्शा चलाकर बेटे को बनाया डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान मौत; एक झटके में टूटा परिवार का सपना

Fri, 17 Jul 2026 01:47 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।

सार

Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान जूनियर डॉक्टर डॉ. विनोद कुमार बिंद का हार्ट अटैक से निधन हो गया। पख्खनपुर सुरिस निवासी विनोद ने रिक्शा चालक पिता दूधनाथ बिंद के संघर्ष से डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया था। उनके निधन से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
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डॉ. विनोद कुमार बिंद की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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UP News: कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में कार्यरत जूनियर डॉक्टर (जेआर-2) डॉ. विनोद कुमार बिंद का बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। उनके असामयिक निधन की खबर से पैतृक गांव पख्खनपुर सुरिस में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्य और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।

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डॉ. विनोद बिंद क्षेत्र के पख्खनपुर सुरिस गांव निवासी थे। उनके पिता दूधनाथ बिंद ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों में रिक्शा चलाकर बेटे को उच्च शिक्षा दिलाई थी। तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे विनोद की सफलता को परिवार के संघर्ष और पिता की मेहनत का प्रतिफल माना जाता था।

घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के पुरुष सदस्य कानपुर के लिए रवाना हो गए, जबकि देर शाम तक परिवार की महिला सदस्यों को यह दुखद समाचार नहीं दिया गया था। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विवेक कुमार उर्फ विक्की यादव ने डॉ. विनोद बिंद को मिलनसार, सेवाभावी और प्रतिभाशाली चिकित्सक बताते हुए कहा कि गांव ने एक होनहार युवा डॉक्टर को खो दिया है।

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शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा बनने नहीं दिया था
डॉ. विनोद बिंद की सफलता उनके पिता दूधनाथ बिंद के अथक संघर्ष की मिसाल थी। सीमित आय के बावजूद उन्होंने कभी बच्चों की शिक्षा में आर्थिक तंगी को बाधा नहीं बनने दिया। दिनभर रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले दूधनाथ ने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए लगातार मेहनत की। इसी संघर्ष का परिणाम था कि विनोद डॉक्टर बने। 

परिवार की सबसे छोटी बेटी वर्तमान में बीएमएस की पढ़ाई कर रही है। बड़े भाई गुलाब बिंद, जो जेसीबी संचालन का कार्य करते हैं, ने कहा कि जिस बेटे को पढ़ाने के लिए पिता ने जीवनभर संघर्ष किया, उसी के असमय चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दूसरे भाई दिनेश बिंद ट्रैक्टर चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. विनोद बिंद की मौत ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
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