मछलीशहर। ग्राम पंचायत से निकलने वाला कचरा कभी नालियों को चोक करता है तो कभी पशु खाकर बीमार पड़ जाते हैं। बारिश के दिनों में गंदगी बढ़ती है वह अलग से। ऐसे में इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम किया जा रहा है। इसके तहत कचरे को बेचकर ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाई जाएगी और कुछ कचरे से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी, जिसका उपयोग किसान अपने खेतों में कर सकेंगे। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत गावों में कूड़ा प्रबंधन के लिए चलाए जा रहे कार्य में कुल 172 राजस्व गांवों में योजना चलाई जानी है। प्रथम चरण में 88 गावों में काम चल रहा है। ब्लाक प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इन गावों में शौचालय, सोख्ता, गांव की सफाई से निकलने वाले कूड़े का उपयोग करके खाद के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए गांव में सोख्ता का निर्माण किया जा रहा है।
कैसे होगा काम, किस तरह होगी कमाई
कचरे को इकट्ठा करके उसमें से कुछ जो खाद बनाने लायक होगा, उसका इस्तेमाल वर्मी कंपोस्ट बनाने में होगा। उसे किसानों को बेचकर ग्राम पंचायत राजस्व कमाएंगी। इसके साथ ही कुछ कचरा बदलापुर में लगे प्लांट को बेचा जाएगा। वहां से भी आय प्राप्त होगा। ग्राम पंचायतों में गड्ढा आदि बनाने के लिए 25 अप्रैल से तीन दिवसीय प्रशिक्षण भी राजमिस्त्री को दिया जा चुका है।
पहले चरण में ब्लाक के 88 गांवों में काम हो रहा है। करियांव और भिदूना में काम प्रारंभ हो गया है। सॉलिड, लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत वर्मी कंपोस्ट तैयार की जाएगी। कचरा बेचकर ग्राम पंचायतें अपना आय बढ़ाएंगी। जल्दी ही सभी ग्राम पंचायतों में योजना लागू होगी। - रामनिहोर, एडीओ पंचायत, मछलीशहर