जौनपुर। नगर के सिपाह मोहल्ला निवासी सेना से सूबेदार मेजर के पद से रिटायर जमालुद्दीन की इच्छा थी कि उनके बाद फौज में उनके परिवार का कोई सदस्य आए। उनके दो पुत्र हैं एक ने बीफार्मा व एक ने बीटेक करके आम युवाओं की तरह नौकरी करना पसंद किया। उनकी इच्छा को उनकी पुत्री शाहीन ने पूरा किया। उन्होंने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर सफलता पूर्वक चार साल का प्रशिक्षण प्राप्तकर पासिंग आउट परेड पूरी की।जमालुद्दीन ने सेना में करीब 31 साल की सेवा की और सूबेदार मेजर पद से रिटायर हुए। उन्हें लगा कि उनके बाद सेना में उनके बेटे आकर उनकी इच्छा को पूरा करेंगे। बड़े बेटे रियाज अहमद ने बीफार्मा कर कुवैत में दवा कंपनी में नौकरी कर ली। दूसरे बेटा शाहनवाज अहमद बीटेक कर एक निजी इंजीनियरिंग काॅलेज में प्रवक्ता हो गया। वहीं छोटी इकलौती बेटी शाहीन बचपन से ही पिता की वर्दी पहनकर कहती थी मुझे भी एक दिन सेना में बड़ा अफसर बनना है। हुआ भी वहीं उसने एमएससी के बाद परीक्षा दी और चयन वर्ष 2019 में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ। अपने बैच की यूपी से पहली मुस्लिम महिला अधिकारी है। शाहीन आज हर युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं साथ ही पिता के चेहरे पर खुशी व सम्मान लाने में कामयाब हुई।