नागपंचमी पर्व के मौके पर गौराबादशाहपुर के बमैला स्थित आगमदास बाबा की कुटी पर आयोजित कुश्ती में द
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जौनपुर। नाग पंचमी का पर्व जिले में परंपरागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह-सुबह घरों में नाग देवता की पूजा हुई। महिलाएं घरों में साफ सफाई करने के बाद स्नान आदि करके दूध और लावा चढ़ाकर पूजा की। उसके बाद घर में दूसरे काम शुरू हुए। वहीं, जगह-जगह अखाड़ों में कुश्ती और आयोजन हुए तो कई स्थानों पर बच्चों ने कबड्डी और लंबी कूद के खेल का आनंद लिया। जगह-जगह मेले का भी आयोजन किया गया।
घरों में तरह-तरह के व्यंजनों का लोगों ने स्वाद चखा। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नागपंचमी को लेकर काफी उत्साह रहा। सपेरों की टोलियां घर-घर जाकर लोगों को नाग देवता का दर्शन कराते हुए देखे गए। तड़के से ही घरों में महिलाएं पूजा-अर्चना में लगी रहीं। गांव में झूले का भी आयोजन किया गया। मछलीशहर में नाग देवता का पूजन अर्चन किया गया। लावा और दूध चढ़ाया गया। शिवालयों में भी भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के साथ ही नाग देवता का भी पूजन हुआ। गोहका गांव में कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसके अलावा, लंबी कूद, कबड्डी, सहित विभिन्न खेलों का भी जगह जगह आयोजन किया गया। गौराबादशाहपुर क्षेत्र के सरसौड़ा स्थित रायमन ब्रह्म बाबा मंदिर पर मेले का आयोजन हुआ। सरसौड़ा, सोनारी, गौरा, मनिहागोविंदपुर, भुइली, बारी, पिलखिनी, नयनसंड, रवनिया, विशुनपुर बसवत के लोग शामिल हुए। केराकत नगर के अलावा गांव में नाग पंचमी के दिन विविध आयोजन किए गए। कजरी और बिरहा आयोजन किया गया। लालबिहारी सिंह, पहलवान सिंह, पंचम राम, गरीब यादव, आनंद कुमार, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। सिकरारा में नाग पंचमी पर घरों से लेकर देवालयों तक नाग देवता की पूजा की गई। हर घर से दूध व धान का भुना हुआ लावा अथवा चावल का तर्पण कर परिजनों की सुरक्षा की मन्नत मांगी गईं। नाग पंचमी पर तालाब में गुडि़या फेंकने की रश्म पूरी की गई। बहनों ने भाइयों का मुंह मीठा कराया। इसके बाद स्वादिष्ट पकवान आदि तैयार किए गए। दोपहर में कुश्ती कबड्डी और कूद (कूड़ी) का खेल आयोजन हुआ।