नगर पालिका क्षेत्र के दो वार्डों में पांच वर्ष से दो मिनी ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। उसे आज तक नहीं बनाया गया। इससे दोनों वार्ड के लगभग 600 घरों के लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकने को विवश हैं। पालिका प्रशासन द्वारा नए मिनी ट्यूबवेल लगाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन पुराने को बनाने का कार्य नहीं किया जा रहा है।
सरकार की ओर से लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिससे लोगों को पानी नसीब हो सके, लेकिन सरकार की इस मंशा पर नगर पालिका प्रशासन पानी फेर रहा है।
हालत यह है कि मुहल्ले वासियों को पानी मुहैया कराने के लिए 26 मिनी ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इसी क्रम में रसूलाबाद मुहल्ला में चार हजार लोगों को पानी मुहैया कराने के लिए मिनी ट्यूबवेल का निर्माण हुआ था,
लेकिन वह पांच वर्ष से खराब पड़ा है, जो रिबोर होने की बाट जोह रहा है। लगभग यही हाल बोदकरपुर मुहल्ला में लगे मिनी ट्यूबवेल का है। यह भी दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। इससे भी चार हजार लोगों को पानी मिलता था।
इन दोनों मिनी ट्यूबवेल पर आश्रित 600 घरों के लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। वे अभी भी पानी के लिए भटकने को विवश हैं।
उधर, नगर पालिका प्रशासन ने 24 मिनी ट्यूबवेल लगाने के लिए स्थान का चयन किया है। इसमें से 17 लगा दिए गए हैं। सात मिनी ट्यूबवेल लगाया जाना बाकी है, लेकिन इन दोनों खराब ट्यूबवेल को न तो बनाने का कार्य किया जा रहा है और नहीं इनके स्थान पर दूसरा मिनी ट्यूबवेल लगाने का कार्य किया जा रहा है।