भटहर दीनापुर गांव में चार बच्चों की मौत के बाद मंगलवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य वाराणसी की टीम ने गांव का भ्रमण कर बीमार चल रहे बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। गंभीर रूप से बीमार छह बच्चों को इलाज के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। गांव में लगे छह नंबर के हैंडपंप को बंद कराते हुए इन हैंडपंप का पानी नहीं पीने का निर्देश दिया।
बस्ती में क्लोरीन की गोली का वितरण कराने के साथ ही मिजिल्स का टीका लगवाया गया। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीसी द्वीवेदी मंगलवार को भटहर दीनापुर के वनवासी गांव का निरीक्षण करने पहुंचे। बस्ती में बीमार चल रहे बच्चों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। गंभीर रूप से बीमार पप्पी (1) पुत्री मनीष, लक्ष्मी (1), मोहिनी (3) पुत्री भाईलाल, चांदनी (2) व नैनसी (1) पुत्री धर्मेंद्र, राधिका (4) पुत्री राजेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सीएचसी मछलीशहर के चिकित्सक डॉ. बीएल यादव ने बताया कि संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य के निर्देश पर छह बच्चों को इलाज के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। जेडी डॉ. जीसी द्वीवेदी ने बताया कि जांच में बीमारी का कारण दूषित जल पाया गया। बस्ती के सभी छोटे हैंडपंप बंद करवा दिए गए हैं। यह हैंडपंप खेत में लगे हैं, इनके चारों तरफ पानी भरा है।
इनका फाउंडेशन भी नहीं बना है। बगल स्थित आयुष्मान भवन में इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है सभी को उसी का पानी पीने को कहा गया है। टीम में मलेरिया अधिकारी डॉ. बीपी सिंह, सीएचसी मछलीशहर के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।