सिकरारा के खानापट्टी गांव में चल रही भागवत कथा में बाल कृष्ण की आरती उतारते श्रद्धालु। संवाद
सिकरारा। खानापट्टी गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार की देर शाम कथाव्यास पंडित मुरारी श्याम पांडेय व्यास ने धरती पर सत्य व धर्म की अवस्थापना के लिए श्रीकृष्ण अवतार की कथा सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथाव्यास ने कमलेश सिंह के यहां चल रही कथा में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और गिरिराज गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा के दौरान ही भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते सुंदर झांकी सजाई गई,जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में ही कालिया नाग का मर्दन कर यमुना को पवित्र कर पूतना, बकासुर जैसे मायावी शक्तियों का अंत किया। प्रसंग में बताया कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उनका गर्व चूर चूर करने के लिए प्रभु ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन जी की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साएं इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बारिश करा दी। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का ज्ञान हुआ। इस दौरान श्रोता डाॅ. जोखन सिंह, प्रधानपति सुशील सिंह, शरद सिंह,अंकिता सिंह, अवंतिका सिंह, माधुरी सिंह आदि रहे।