नगर के चाचकपुर मोहल्ले में स्थित 345 साल पुराने ऐतिहासिक कुएं के जीर्णोद्धार के लिए गुरु सिंह सभा और गुरु सेवक जत्था के लोगों ने रविवार को श्रमदान किया। सिख धर्म के नौवें गुरु गुरुतेग बहादुर की तपस्थली पर आयोजित वार्षिक समागम के मौके पर कुएं का जीर्णोद्धार कराया गया। ऐसी मान्यता है कि 1670 ई. में असम से लौटते समय गुरुतेग बहादुर ने यहां पर तप किया था। उसी वक्त उन्होंने यहां कुएं का निर्माण कराया था। जो जीर्णशीर्ण हो चुका था।
सरदार कमल सिंह भाटिया और सरदार मनमोहन सिंह की देखरेख में संगत के सहयोग से श्री गुरुसिंह सभा एवं गुरुसेवक जत्था के द्वारा कुएं का जीर्णोद्धार कराया गया। इस अवसर पर 11 से 12 बजे तक सुखमनी साहब का पाठ हुआ। 12 बजे से दो बजे तक सबद कीर्तन और लंगर का आयोजन किया गया। वार्षिक समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यह आयोजन यहां एक, आठ और 15 फरवरी को हुआ।
कार्यक्रम गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जिउपाल सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष सरदार कुलवंत सिंह छाबड़ा, सरदार त्रिलोचन सिंह, तेजा सिंह, मीडिया प्रभारी गुरुवीर सिंह एडवोकेट, सतनाम सिंह, सहित संस्था के सभी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।