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दवा की दूकानें बंद कर विरोध जताएंगे व्यापारी

Mon, 12 Oct 2015 12:41 AM IST
जौनपुर ब्यूराे
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केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि फुटकर दवा की दुकानों पर फार्मासिस्ट की तैनाती अनिवार्य किए जाने के विरोध में दवा व्यवसायी 14 अक्तूबर को अपने प्रतिष्ठान बंद करके विरोध जताएंगे।
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 फुटकर दुकानों के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेतर संगठन ने यह निर्णय लिया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ड्रग एंड कास्मेटिक  अधिनियम 1940 के हिसाब से जब डाक्टर अपने

यहां अलग-अलग दवा मिलाकर मिश्रण तैयार करता था। फार्मासिस्ट उसे पुड़िया और सीरप के रूप में मरीजों को उपलब्ध कराता था।  वर्तमान में स्थिति बदल चुकी है। दवाएं फैक्ट्री से पैक करके आती हैं। डाक्टर मरीज को दवा लिख देता और
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 मेडिकल पर व्यक्ति लिखी गई दवाएं पैक कर दे देता है। ऐसे में फार्मासिस्ट की जरूरत नहीं है। सरकार की तानाशाही के कारण करीब  साठ हजार दूकानें बंद होने की कगार हैं। इतनी ही संख्या में दूकानदार और बेरोजगार हो जाएंगे।

ड्रग के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था लागू करते हुए दूकानदारंो को अपनी दूकानें चलाने का अधिकार दिया जाए। सरकार के इस निर्णय से गांव इलाकों की सभी दूकानें बंद हो जाएंगी। केवल शहरों में दवा उपलब्ध हो सके गी।

 गांव के लोगों के सामने समस्या खड़ी जाएगी। बड़ी कंपनियां दवा का वितरण कर रही हैं लेकिन उनके यहां कोई फार्मासिस्ट नहीं होता है।  आनलाइन बिक्री से मिलावटखोरी बढ़ेगी। दवाओं को दुरुपयोग होगा।

इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध होने के कारण युवाओं में नशाखोरी बढ़ेगी। सरकार के निर्णय से गिनेचुने लोगों का भला होगा। फुटकर व्यापारी मारे जाएंगे। उन्होंने जिले के सभी व्यापारियंो से 14 अक्तूबर को होने वाली बंदी में सहयोग करने की अपील की।
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