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शिक्षामित्रों ने ताकत का कराया एहसास

Wed, 16 Sep 2015 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
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हाईकोर्ट से सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त किए जाने से आंदोलित शिक्षामित्रों ने मंगलवार को शहर में जुलूस निकाल कर ताकत का एहसास कराया।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले डायट परिसर में भारी संख्या में जुटे शिक्षामित्रों ने जुलूस के साथ शहर में भ्रमण किया।

  सद्भवना पुल पर लेट कर विरोध जताया और नखास स्थित सांसद केपी सिंह के आवास का घेराव कर नारेबाजी की। जुलूस में भारी संख्या में महिला शिक्षामित्र भी शामिल थीं। अपनी मांग से संबंधित पत्रक सांसद केपी सिंह को सौंपा। सांसद ने भरोसा

 दिया कि वह उनकी मांग को सदन में उठाएंगे और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव, प्रांतीय मंत्री मनीष यादव,
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 अमृतलाल पटेल, मो. अब्बास, छोटेलाल गौतम के नेतृत्व में जिले भर के शिक्षामित्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां से अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शिक्षा मित्रों का जुलूस सद्भावनापुल पर पहुंचा।

जहां लोगों ने पुल पर लेट कर आक्रोश व्यक्त किया। यहां से सभी सांसद के आवास पर         पहुंचे। आवास का घेराव कर नारेबाजी की। यहां से सभी सांसद के मियांपुर स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। जहां पीएम को संबोधित पत्रक सौंपा।


  जिलाध्यक्ष संदीप यादव ने सांसद से कहा कि एनसीटीई ने उनके साथ नाइंसाफी की है। संगठन के प्रांतीय मंत्री मनीष यादव ने कहा कि एनसीटीई केंद्र की संस्था है और नियमों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार ही पौने दो लाख शिक्षा मित्रों की
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मददगार बन सकती है। सांसद ने भरोसा दिया कि वह उनकी आवाज को सदन में उठाएंगे। जुलूस में कुमकुम         मिश्रा, मो. अब्बास, योगेश यादव, दिलीप सिंह, दुर्गा मौर्या, शीला चौहान, ब्रजेश कुमार, राजेश यादव, सुष्मा पाल, सुनीता देवी, रागिनी मिश्रा समेत बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद थे।
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