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सोंधी में शाहगंज विधायक की प्रतिष्ठा दांव पर

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शाहगंज (सोंधी) में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में पूर्वमंत्री एवं शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। ब्लॉक प्रमुख के पिछले चुनावों पर गौर करें तो पिछले कई बार से शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव के ही परिवार का दबदबा रहा है। इस साल सोंधी ब्लॉक प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित है। इस बार शैलेंद्र यादव की भयोहू व पूर्व प्रमुख सरिता यादव पत्नी मनोज कुमार यादव गल्लू मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा नेता विजय सिंह की भयोहू मंजू सिंह चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
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सोंधी में ब्लॉक प्रमुख के लिए हुए अब तक के चुनावों पर गौर करें तो दीपनारायण सिंह पहली बार यहां के प्रमुख बने थे। 1973 तक लगातार वह प्रमुख रहे। 1973 में दीपनारायण सिंह को पराजित कर ईशनारायण यादव प्रमुख बने और 23 वर्षों तक लगातार ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव जीतते रहे। 1996 में इंद्रदेव यादव यहां से ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। 23 जनवरी 2001 को अनवर आलम ने प्रमुख की कुर्सी संभाली। दो वर्ष बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिसमें वह हार गए। 19 अगस्त 2003 को मो. अनस खान 10 माह 20 दिन के लिए कार्यवाहक प्रमुख बने। अविश्वास प्रस्ताव के बाद चुनाव हुआ तो 10 जुलाई 2004 को इंद्रदेव यादव दोबारा प्रमुख बने। 17 मार्च 2006 को इनका कार्यकाल खत्म हो गया।
वर्ष 2005 पंचायत चुनाव में यहां का प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित हो गया। पूर्व प्रमुख ईशनारायण यादव की बहू सरिता यादव पत्नी मनोज कुमार यादव 18 मार्च 2006 को प्रमुख बनी। 2010 के पंचायत चुनाव में यहां की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हो गई। 18 मार्च 2011 को पूर्व प्रमुख इंद्रदेव यादव की पत्नी संगीता यादव प्रमुख बनीं। लेकिन वह एक वर्ष सात माह से अधिक अपनी कुर्सी संभाल नहीं पाई। अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में वह हार गई। और 20 अक्टूबर 2012 को पूर्व मंत्री व शाहगंज विधायक शैलेन्द्र यादव की भयोहू नीलम यादव प्रमुख बन गई । 2015 के पंचायत चुनाव में यहां की सीट फिर अनारक्षित हो गई और पूर्व प्रमुख ईशनारायण यादव के पुत्र मनोज कुमार यादव चुनाव जीतकर प्रमुख बने। प्रमुख ईश नारायण यादव, नीलम यादव, सरिता यादव, मनोज यादव का संबंध पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के परिवार से रहा है । इस परिवार का दबदबा चार दशकों से विकास खंड शाहगंज के प्रमुख पद पर रहा है । इस चुनाव में भी भयोहू के मैदान में होने के चलते शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है।
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पति और पिता की विरासत बचाने की जंग
मुंगराबादशाहपुर। स्थानीय विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव दिलचस्प हो गया है। यहां किसी के आगे पिता तो किसी को पति की राजनीतिक विरासत को बचाने की चुनौती है।
सपा ने निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजलाल यादव की पत्नी व पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव की भाभी चमेला देवी को मैदान में उतारा है। दूसरी तरफ पूर्व मंत्री व 22 साल तक ब्लाक प्रमुख रहे स्वर्गीय विनोद कुमार सिंह के पुत्र सत्येंद्र सिंह फंटू भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। चमेला देवी पति की विरासत को बचाने के लिए जेद्दोजहद कर रही है तो दूसरी तरफ सत्येन्द्र सिंह फंटू अपने पिता की विरासत को बचाने के लिए जी जान से लगे हूए है। चमेला देवी वार्ड नम्बर 61 से चुनाव जीतकर आई है, जबकि सत्येन्द्र सिंह फंटू वार्ड नम्बर 6 पवांरा से निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुने गए हैं। संवाद
चचिया ससुर और बहू आमने -सामने
राजाबाजार। महराजगंज ब्लाक में भी प्रमुख का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। यहां चचिया ससुर और बहू आमने-सामने मैदान में हैं। हालांकि, इस मुकाबले को त्रिकोणीय करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा से निवर्तमान ब्लाक प्रमु़ख माण्डवी सिंह इस बार भी प्रमुख का चुनाव लड़ रही हैं। जिनके विरोध में उनके ही सगे चाचा और राय हरिश्चन्द सिंह सपा प्रत्याशी के रूप मे ताल ठोंक रहे हैं। वहीं, इस मुकाबले को त्रिकोणीय करने के लिए अमारी के पूर्व प्रधान ठाकुर रोहित सिंह भी चुनाव मैदान में आ चुके हैं। कुल मिलाकर महराजगंज में भी ब्लाक प्रमुख का चुनाव काफी रोचक होगा। संवाद
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