पीपा पुल का एक सिरा बहने से टूटा कई गांवों का संपर्क
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- विभाग की ओर से 15 की जगह लगाया गया था 11 पीपा
- नहर का पानी आने पर पीपा पुल का एक किनारा पानी में बह गया
संवाद न्यूज एजेंसी
केराकत। क्षेत्र के सरोजबड़ेवर गांव के पास गोमती नदी घाट पर बनाए गए पीपा पुल का एक हिस्सा नदी में बह गया। इससे पचीस से अधिक गांवों के लोगों का संपर्क टूटा गया है। अब उन्हें लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है। एक पखवाड़ा बाद भी जिम्मेदारों के सुध न लेने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
पिछले माह घाट पर पीपापुल का निर्माण किया गया था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते ठीक ढंग से पीपा पुल नहीं लगाया गया। नदी में कुल 15 पीपा की जरुरत थी, लेकिन 11 पीपा ही लगाकर पुल तैयार कर दिया गया। यही नहीं दक्षिणी छोर पर मिट्टी की जगह बालू पर ही संपर्क मार्ग बना दिया गया था। नतीजा पीपा पुल बनने के कुछ दिन बाद ही यह सिरा नदी में तेज बहाव के साथ बह गया। ग्रामीणों की यह भी शिकायत है कि पीपापुल पर जो लकड़ी का स्लीपर लगाया गया है, उसमें अधिकांश जीर्ण शीर्ण हो गया हैं। पुल टूटने से नदी के उत्तरी क्षेत्र के गांव सरोज बड़ेवर, नोनमटिया, तेजपुर, कुसरना, लुत्तीपुर, हनुमान नगर, नरहन, चकरारेत, बेहड़ा, रग्घुपुर, गुलरा , भितरी, बम्मावन, रत्नूपुर, गोबरा, भितरी, कोड़रे, गोपालपुर एवं फुटहिया आदि गांवेों में आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बाद भी पुल के मरम्मत के लिए किसी ने कोई पहल किया। इस बाबत जेई रामअवध यादव का कहना है कि पुल में 15 पीपे की डिमांड की गई थी, लेकिन 11 ही उपलब्ध हो पाया। पुल टूटने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। जल्द ही इसे तैयार कर दिया जाएगा।