जौनपुर। लाइन बाजार पुलिस टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के सात जालसाजों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर कई पास बुक आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और असलहा बरामद हुआ है।
क्षेत्राधिकारी नगर सुशील सिंह ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक थाना लाइन बाजार रविवार को संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य रोडवेज के पास खड़े है। सूचना पर विश्वास करके पुलिस टीम रोडवेज पहुंची तो वहां कुछ संदिग्ध लोग खड़े थे। पुलिस देख कर वह भागने लगे। जिन्हें दौड़ाकर इंस्पेक्टर लाइन बाजार संजीव कुमार मिश्र एवं उनके सिपाहियों ने पकड़ लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपना नाम मोहम्मद दाऊद पुत्र मोहम्मद अयूब निवासी ग्राम गहनी खुर्द थाना फूलपुर जनपद आजमगढ़, अमरेश प्रताप पुत्र पुद्दन राम निवासी सेनापुर थाना केराकत जनपद जौनपुर, उमानाथ पुत्र मुसाफिर निवासी पचवध थाना केराकत जौनपुर, बृजेश कुमार पुत्र अनिल कुमार निवासी जिंदूपुर थाना बरदह जनपद आजमगढ़, राकेश कुमार पुत्र हीरालाल निवासी सैदखानपुर थाना केराकत जौनपुर, रिंकू कुमार पुत्र बनारसी निवासी गडौली थाना देवगांव जनपद आजमगढ़, और अरुण कुमार पुत्र श्रीप्रकाश निवासी गडौली जनपद आजमगढ़ बताया। मोहम्मद दाऊद इस गिरोह का सरगना है। जिसके खिलाफ कई मामले पंजीकृत हैं।
सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया था केस
जौनपुर। लाइन बाजार थाने में सिद्विकपुर निवासी शहनवाज ने केस दर्ज कराया था कि अमरेंश प्रताप उससे मिले और बोले कि जौनपुर चलों तुम्हें एक हजार रूपये दूंगा। मैं उनके साथ चल दिया। नगरपालिका गेट के पास मेरा आधार कार्ड मांगे उससे बोडा फोन का सिम खरीदा और सब्जीमंडी कोतवाली के पास एक बैंक में खाता भी खुलवाया। एटीएम और एकाउंट नंबर भी मिल गया। अमरेश ने कहा कि कुछ पैसे मंगवाने हैं। पैसा मंगवाने के बाद एटीएम कार्ड वापस कर दूंगा। कुछ बाद नहीं देने पर खाता चेक कराया तो मेरे खाते से डेढ़ लाख का आदान- प्रदान हो चुका था। तो उन्होंने कहा कि मेरे रैकेट में शामिल हो जाओं। मेरी टीम में उमानाथ बृजेश कुमार, राकेश कुमार, रिंकू कुमार, अरूण कुमार, आदि शामिल है। हम लोग खाता खुलवाकर एटीएम व सिम और चेकबुक ले लेते है। गांव की भोली भाली जनता को साथ में ले जाकर एक हजार का लालच देकर बैंक में खाता खुलवा देते है। अपने बास मुहम्मद दाऊद को 2500 रूपये में बेच देते है और वह अपने बास को 15000 हजार में आसनसोल में किसी के पास बेच देता है। अमरेश प्रताप ने कहा कि फर्जी सिम , फर्जी मोहर और आईकार्ड से बैंक अधिकारी बनकर लाटरी व इनाम की सूचना देकर भोली भांली जनता से काल करके उनको प्रलोभन देकर उन्हीं खातों में जो इन लोगों द्वारा खाता नंबर एटीएम से पैसा मंगाकर निकाल लिया जाता है। पुलिस सातों आरोपियों पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रहीं थीं।