जौनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में 1478 राजस्व गांव मॉडल बनाने के लिए चयनित किए गए हैं। इन गांवों में कचरा प्रबंधन से लेकर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी। जिसमें करीब 97 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। पंचायत राज विभाग की ओर से राजस्व गांव चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। बजट स्वीकृति होते कार्य शुरू करा दिया जाएगा।शासन की ओर से ग्राम पंचायतों को शहर की तरह स्वच्छ व सुंदर बनाने की कवायद की जा रहा है। इसके मद्देजनजर 1478 राजस्व गांव को माॅडल गांव बनाने के लिए चयन कर लिया गया है। इसमें कूड़ा संग्रहण एवं पृथकी करण केंद्र, नाली, सोख्ता गड्ढा, सेनेटरी इंप्रूवमेंट, सीमेंटेंड डस्टबिन, कूड़ा वाहन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना, व्यक्तिगत कंपोस्ट पिट, सामुदायिक कंपोस्ट पीट, स्वच्छता किट, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समेत आदि कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए पंचायत राज विभाग की ओर से करीब 97 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट जारी होने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा। गांवों को खुले में शौच मुक्ति करने एवं साफ-सराई को लेकर केंद्र सरकारी की ओर से 2014 से मुहिम चलाई जा रही है। जिले में अब तक छह लाख से अधिक एकल शौचालय बनाए गए हैंं। इसके अलावा हर गांव में एक-एक सामुदायिक शौचालय बनाया गया है। अब स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने की मुहिम शुरू कर दी गई है।
जिले में 1478 राजस्व गांवों को मॉडल गांव के रूप विकसित करने के लिए चयन कर लिया गया है इन गांवों में कचरा प्रबंधन से लेकर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए करीब 97 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर कर शासन को भेज दिया गया है बजट जारी होने पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -
मनोज कुमार त्यागी,
जिला पंचायत राज अधिकारी