सरकारी गल्ले की दुकान को निरस्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर धर्मापुर ब्लाक के राजेपुर गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के वाहन के सामने बैठकर मांगों को पूरा करने के लिए आवाज बुलंद की। साथ ही मांगों से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौपा।
ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय केशवपुर में सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के लिए खुली बैठक हुई थी। जिसमें ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व एडीओ पंचायत द्वारा मानक को ताख पर रखकर राधा देवी पत्नी सुरेंद्र को दुकान का आवंटन कर दिया गया।
उन्होेंने डीएम से सरकारी गल्ले की दुकान का आवंटन निरस्त करने और खुली बैठक में कोटे की दुकान का आवंटन कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में पुष्पा देवी,समरबहादुर वसंजय कुमार आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
कोटे के प्रस्ताव के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन उधर, सलेखनपट्टी गांव में कोटे की दूकान के लिए प्रस्ताव में धांधली का आरोप लगाते हुए गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बुद्धवार को गॉव में उपस्थित कर्मचारियों की मौजूदगी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए किया गया प्रस्ताव मनमानी तरीके से हुआ है । प्रदर्शनकारियों ने इस सम्बन्ध में तहसीलदार लालता प्रसाद को ज्ञापन सौंपते हुए कोटे की दुकान का पुन: प्रस्ताव कराने की मॉग किया है ।
गौरतलब है कि ग्रामपंचायत सलेखनपट्टी में कोटे की दुकान का प्रस्ताव बुद्धवार को तीसरी बार कराया गया। खण्ड विकास अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि दुकान के प्रस्ताव के चयन की प्रक्त्रिस्या सहायक विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद , ग्रामविकास अधिकारी हलिहारी तथा पूर्ति निरीक्षक महराज गंज एन के यादव की मौजूदगी में पारदर्शिता के साथ हुई है । प्रदर्शन करने वालों में घनश्याम, दिनेश यादव, मानचन्द यादव, महेन्द्र यादव, सुरेन्द्र यादव शैलेन्द्र आदि रहे।