वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विज्ञान दिवस समारोह के दूसरे दिन शनिवार को अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति डा. जीएन पांडेय और विज्ञान के लेखक डा. अरविंद मिश्र का विशेष व्याख्यान हुआ। विज्ञान दिवस पर बेहतर वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
बीटेक के छात्र पीयूष एवं उत्कर्ष के इलेक्ट्रानिक माडल एवरीवन को पहला, दानिश और प्रशांत के हाइड्रोलिक क्रेन माडल को दूसरा और अंकिता ग्रुप निर्मित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट माडल को तीसरा पुरस्कार मिला। प्रदर्शनी में भाग लेने वाली पांच अन्य टीमों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति डा. जीएन पांडेय ने कहा कि विज्ञान एक ऐसा विषय है जो आज रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन, भूगर्भ सहित विविध क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। डा. अरविंद मिश्र ने कहा कि दैनिक जीवन में होने वाली समस्याओं से वैज्ञानिक नजरिए से निजात पाई जा सकती है। समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रो. वीके सिंह ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया। डा. अशोक कुमार श्रीवास्तव एवं डा. रवि प्रकाश ने आभार जताया। निबंध में विभिन्न संकायों में प्रथम स्थान पाने वाली प्रीति, सतीश, अब्दुल अहद आजमी, राजबीर और रागिनी को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संदीप सिंह, रजनीश भास्कर, डा. संजीव गंगवार, डा. सौरभ पाल, राजकुमार सोनी, डा. वीडी शर्मा, डा. प्रदीप कुमार आदि रहे। संचालन डा. संतोष कुमार, काशिका उपाध्याय और वलेंद्र वीर सिंह ने किया।
उधर, नेहरू बालोद्यान में आयोजित वैज्ञानिक गोष्ठी में भारत सरकार के पूर्व सचिव डा. कमल टॉवरी ने कहा कि बच्चों को स्वदेशी ज्ञान विज्ञान को आत्मसात करने की जरूरत है। अध्यक्षता कर रहे बीएचयू के प्रो. यूपी सिंह ने भी बच्चों को विज्ञान के महत्व के बारे में बताया। डा. राधे मोहन सिंह, डा. रंजन सिंह, कार्यक्रम संयोजक डा. वीके सिंह ने अपने विचार रखे। प्रदर्शनी में भाग लेने वालों को पुरस्कृत किया गया।
उधर, शहर शकरमंडी स्थित सेंट जेवियर स्कूल में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। विशाल जायसवाल को सर्वश्रेष्ठ छात्र, अभिषेक मौर्या को उपस्थिति अवार्ड और काजल चौबे को बेस्ट मानीटर अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुनील कुमार शुक्ला ने किया।