करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को विज्ञान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित साइंस बस विश्वविद्यालय परिसर में 16 जनवरी को पहुंचेगी। बस विश्वविद्यालय परिसर में एक महीने तक रहेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर साइंस बस का संचालन पर्स परियोजना के तहत पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आएगी। निर्धारित अवधि के दौरान अधिकतम संख्या में विद्यार्थी इस पहल से लाभान्वित हो सकें। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि साइंस बस जैसी पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, नवाचार की प्रवृत्ति और तार्किक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के युवाओं तक विज्ञान की पहुंच सुनिश्चित की जाए और उन्हें अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया जाए। पर्स परियोजना एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का यह सहयोग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं सामाजिक दायित्वों को और अधिक सुदृढ़ करेगा। पर्स परियोजना के समन्वयक एवं नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र के वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि जनपद के कुछ ब्लॉकों का चयन शासन से आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत किया गया है। इससे इस क्षेत्र में वैज्ञानिक चेतना एवं बुनियादी विज्ञान शिक्षा के प्रसार की आवश्यकता और अधिक प्रासंगिक हो गई है। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी विज्ञान बस के प्रदर्शन एवं विज्ञान-प्रचार कार्यक्रमों में सहभागिता विज्ञान के प्रति प्रेरित करेगी।